रविवार, 15 दिसंबर 2024

अध्याय 1: कुरुक्षेत्र के युद्धस्थल में सैन्यनिरीक्षण (श्लोक 1 . 13)

अध्याय 1: कुरुक्षेत्र के युद्धस्थल में सैन्यनिरीक्षण

श्लोक 1 . 13


ततः शङ्खाश्र्च भेर्यश्र्च पणवानकगोमुखाः |

सहसैवाभ्यहन्यन्त स शब्दस्तुमुलोSभवत्  १३ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

After that, the conchshells, drums, bugles, trumpets and horns were all suddenly sounded, and the combined sound was tumultuous.


भावार्थ

तत्पश्चात् शंख, नगाड़े, बिगुल, तुरही तथा सींग सहसा एकसाथ बज उठे | वह समवेत स्वर अत्यन्त कोलाहलपूर्ण था |