शुक्रवार, 31 अक्टूबर 2025

अध्याय 9 : परम गुह्य ज्ञान (श्लोक 9 . 14)








अध्याय 9 : परम गुह्य ज्ञान

श्लोक 9 . 14


सततं कीर्तयन्तो मां यतन्तश्र्च दृढव्रताः |

नमस्यन्तश्र्च मां भक्तया नित्ययुक्ता उपासते || १४


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

गुरुवार, 30 अक्टूबर 2025

अध्याय 9 : परम गुह्य ज्ञान (श्लोक 9 . 13)









अध्याय 9 : परम गुह्य ज्ञान

श्लोक 9 . 13


महात्मानस्तु मां पार्थ दैवीं प्रकृतिमाश्रिताः |

भजन्त्यनन्यमनसो ज्ञात्वा भूतादिमव्ययम्  १३ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

बुधवार, 29 अक्टूबर 2025

अध्याय 9 : परम गुह्य ज्ञान (श्लोक 9 . 12)









अध्याय 9 : परम गुह्य ज्ञान

श्लोक 9 . 12


मोघाशा मोघकर्माणो मोघज्ञाना विचेतसः |

राक्षसीमासुरीं चैव प्रकृतिं मोहिनीं श्रिताः  १२ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

मंगलवार, 28 अक्टूबर 2025

अध्याय 9 : परम गुह्य ज्ञान (श्लोक 9 . 11)









अध्याय 9 : परम गुह्य ज्ञान

श्लोक 9 . 11


अवजानन्ति मां मूढा मानुषीं तनुमाश्रितम् |

परं भावमजानन्तो मम भूतमहेश्र्वरम्  ११ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

सोमवार, 27 अक्टूबर 2025

अध्याय 9 : परम गुह्य ज्ञान (श्लोक 9 . 10)












अध्याय 9 : परम गुह्य ज्ञान

श्लोक 9 . 10


मयाध्यक्षेण प्रकृतिः सूयते सचराचरम् |

हेतुनानेन कौन्तेय जगद्विपरिवर्तते  १० 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

रविवार, 26 अक्टूबर 2025

अध्याय 9 : परम गुह्य ज्ञान (श्लोक 9 . 9)









अध्याय 9 : परम गुह्य ज्ञान

श्लोक 9 . 9


न च मां तानि कर्माणि निबध्नन्ति धनञ्जय |

उदासीनवदासीनमसक्तं तेषु कर्मसु  ९ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

शनिवार, 25 अक्टूबर 2025

अध्याय 9 : परम गुह्य ज्ञान (श्लोक 9 . 8)









अध्याय 9 : परम गुह्य ज्ञान

श्लोक 9 . 8


प्रकृतिं स्वामवष्टभ्य विसृजामि पुनः पुनः |

भूतग्राममिमं कृत्स्नमवशं प्रकृतेर्वशात्  ८ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

शुक्रवार, 24 अक्टूबर 2025

अध्याय 9 : परम गुह्य ज्ञान (श्लोक 9 . 7)








अध्याय 9 : परम गुह्य ज्ञान

श्लोक 9 . 7


सर्वभूतानि कौन्तेय प्रकृतिं यान्ति मामिकाम् |

कल्पक्षये पुनस्तानि कल्पादौ विसृजाम्यहम्  ७ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

गुरुवार, 23 अक्टूबर 2025

अध्याय 9 : परम गुह्य ज्ञान (श्लोक 9 . 6)












अध्याय 9 : परम गुह्य ज्ञान

श्लोक 9 . 6


यथाकाशस्थितो नित्यं वायु: सर्वत्रगो महान् |

तथा सर्वाणि भूतानि मत्स्थानीत्युपधारय  ६ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

बुधवार, 22 अक्टूबर 2025

अध्याय 9 : परम गुह्य ज्ञान (श्लोक 9 . 5)












अध्याय 9 : परम गुह्य ज्ञान

श्लोक 9 . 5


न च मत्स्थानि भूतानि पश्य मे योगमैश्र्वरम् |

भूतभृन्न च भूतस्थो ममात्मा भूतभावनः  ५ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

मंगलवार, 21 अक्टूबर 2025

अध्याय 9 : परम गुह्य ज्ञान (श्लोक 9 . 4)














अध्याय 9 : परम गुह्य ज्ञान

श्लोक 9 . 4


मया ततमिदं सर्वं जगदव्यक्तमुर्तिना |

मत्स्थानि सर्वभूतानि न चाहं तेष्ववस्थितः  ४ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

सोमवार, 20 अक्टूबर 2025

अध्याय 9 : परम गुह्य ज्ञान (श्लोक 9 . 3)









अध्याय 9 : परम गुह्य ज्ञान

श्लोक 9 . 3


अश्रद्दधानाः पुरुषा धर्मस्यास्य परन्तप |

अप्राप्य मां निवर्तन्ते मृत्युसंसारवर्त्मनि  ३ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

रविवार, 19 अक्टूबर 2025

अध्याय 9 : परम गुह्य ज्ञान (श्लोक 9 . 2)











अध्याय 9 : परम गुह्य ज्ञान

श्लोक 9 . 2


राजविद्या राजगुह्यं पवित्रमिदमुत्तमम् |

प्रत्यक्षावगमं धर्म्यं सुसुखं कर्तुमव्ययम्  २ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

शनिवार, 18 अक्टूबर 2025

अध्याय 9 : परम गुह्य ज्ञान (श्लोक 9 . 1)









अध्याय 9 : परम गुह्य ज्ञान

श्लोक 9 . 1


श्रीभगवानुवाच

इदं तु ते गुह्यतमं प्रवक्ष्याम्यसूयवे |

ज्ञानं विज्ञानसहितं यज्ज्ञात्वा मोक्ष्यसेSश्रुभात्  १ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2025

अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति (श्लोक 8 . 28)









अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति

श्लोक 8 . 28


वेदेषु यज्ञेषु तपःसु चैव दानेषु यत्पुण्यफलं प्रदिष्टम् |

अत्येति तत्सर्वमिदं विदित्वा योगी परं स्थानमुपैति चाद्यम्  २८ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

गुरुवार, 16 अक्टूबर 2025

अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति (श्लोक 8 . 27)












अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति

श्लोक 8 . 27


नैते सृती पार्थ जानन्योगी मुह्यति कश्र्चन |

तस्मात्सर्वेषु कालेषु योगयुक्तो भवार्जुन  २७ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

बुधवार, 15 अक्टूबर 2025

अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति (श्लोक 8 . 26)












अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति

श्लोक 8 . 26


श्रुक्लकृष्णे गती ह्येते जगतः शाश्र्वते मते |

एकया यात्यनावृत्तिमन्ययावर्तते पुनः  २६ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

मंगलवार, 14 अक्टूबर 2025

अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति (श्लोक 8 . 25)









अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति

श्लोक 8 . 25


धूमो रात्रिस्तथा कृष्णः षण्मासा दक्षिणायनम् |

तत्र चान्द्रमसं ज्योतिर्योगी प्राप्य निवर्तते  २५ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

सोमवार, 13 अक्टूबर 2025

अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति (श्लोक 8 . 24)









अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति

श्लोक 8 . 24


अग्निज्र्योतिरः श्रुक्लः षण्मासा उत्तरायणम् |

तत्र प्रयाता गच्छन्ति ब्रह्म ब्रह्मविदो जनाः  २४ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

रविवार, 12 अक्टूबर 2025

अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति (श्लोक 8 . 23)

अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति

श्लोक 8 . 23


यत्र काले त्वनावृत्तिमावृत्तिं चैव योगिनः |

प्रयाता यान्ति तं कालं वक्ष्यामि भरतर्षभ  २३ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

शनिवार, 11 अक्टूबर 2025

अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति (श्लोक 8 . 22)











अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति

श्लोक 8 . 22


पुरुषः स परः पार्थ भक्तया लभ्यस्त्वनन्यया |

यस्यान्तःस्थानि भूतानि येन सर्वमिदं ततम्  २२ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2025

अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति (श्लोक 8 . 21)









अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति

श्लोक 8 . 21


अव्यक्तोSक्षर इत्युक्तस्तमाहु: परमां गतिम् |

यं प्राप्य न निवर्तन्ते तद्धाम परमं मम  २१ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

गुरुवार, 9 अक्टूबर 2025

अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति (श्लोक 8 . 20)









अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति

श्लोक 8 . 20


परस्तस्मात्तु भावोSन्योSव्यक्तोSव्यक्तात्सनातनः |

यः स सर्वेषु भूतेषु नश्यत्सु न विनश्यति  २० 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

बुधवार, 8 अक्टूबर 2025

अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति (श्लोक 8 . 19)









अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति

श्लोक 8 . 19


भूतग्रामः स एवायं भूत्वा भूत्वा प्रलीयते । 

रात्र्यागमेऽवशः पार्थ प्रभवत्यहरागमे ॥१९॥


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

मंगलवार, 7 अक्टूबर 2025

अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति (श्लोक 8 . 18)









अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति

श्लोक 8 . 18 


अव्यक्ताद्वयक्तयः सर्वाः प्रभवन्त्यहरागमे |

रात्र्यागमे प्रलीयन्ते तत्रैवाव्यक्तसंज्ञके  १८ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

सोमवार, 6 अक्टूबर 2025

अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति (श्लोक 8 . 17)









अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति

श्लोक 8 . 17


सहस्त्रयुगपर्यन्तमहर्यद्ब्रह्मणो विदु: |

रात्रिं युगसहस्त्रान्तां तेSहोरात्रविदो जनाः  १७ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

रविवार, 5 अक्टूबर 2025

अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति (श्लोक 8 . 16)









अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति

श्लोक 8 . 16


आब्रह्मभुवनाल्लोकाः पुनरावर्तिनोSर्जुन |

मामुपेत्य तु कौन्तेय पुनर्जन्म न विद्यते  १६ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

शनिवार, 4 अक्टूबर 2025

अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति (श्लोक 8 . 15)












अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति

श्लोक 8 . 15


मामुपेत्य पुनर्जन्म दु:खालयमशाश्र्वतम् |

नाप्नुवन्ति महात्मानः संसिद्धिं परमां गताः  १५ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

शुक्रवार, 3 अक्टूबर 2025

अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति (श्लोक 8 . 14)









अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति

श्लोक 8 . 14


अनन्यचेताः सततं यो मां स्मरति नित्यशः |

तस्याहं सुलभः पार्थ नित्ययुक्तस्य योगिनः  १४ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025

अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति (श्लोक 8 . 13)









अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति

श्लोक 8 . 13


ओमित्येकाक्षरं ब्रह्म व्याहरन्मामनुस्मरन्। 

यः प्रयाति त्यजन्देहं स याति परमां गतिम्॥८- १३॥


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

बुधवार, 1 अक्टूबर 2025

अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति (श्लोक 8 . 12)












अध्याय 8 : भगवत्प्राप्ति

श्लोक 8 . 12


सर्वद्वाराणि संयम्य मनो हृदि निरुध्य च |

मूध्न्र्याधायात्मनः प्राणमास्थितो योगधारणाम्  १२ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada