गुरुवार, 29 जनवरी 2026

अध्याय 11 : विराट रूप (श्लोक 11 .16)









अध्याय 11 : विराट रूप

श्लोक 11 .16


अनेकबाहूदरवक्त्रनेत्रं 

पश्यामि त्वां सर्वतोSनन्तरूपम् | 

नान्तं न मध्यं न पुनस्तवादिं 

पश्यामि विश्र्वेश्र्वर विश्र्वरूप  १६ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

बुधवार, 28 जनवरी 2026

अध्याय 11 : विराट रूप (श्लोक 11 .15)









अध्याय 11 : विराट रूप

श्लोक 11 .15


अर्जुन उवाच

पश्यामि देवांस्तव देव देहे

सर्वांस्तथा भूतविशेषसङ्घान् |

ब्रह्माणमीशं कमलासनस्थ-

मृषींश्र्च सर्वानुरगांश्र्च दिव्यान्  १५ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

मंगलवार, 27 जनवरी 2026

अध्याय 11 : विराट रूप (श्लोक 11 .14)









अध्याय 11 : विराट रूप

श्लोक 11 .14


ततः स विस्मयाविष्टो हृष्टरोमा धनञ्जयः |

प्रणम्य शिरसा देवं कृताञ्जलिरभाषत  १४ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

सोमवार, 26 जनवरी 2026

अध्याय 11 : विराट रूप (श्लोक 11 .13)









अध्याय 11 : विराट रूप

श्लोक 11 .13


तत्रैकस्थं जगत्कृत्स्नं प्रविभक्तमनेकधा |

अपश्यद्देवदेवस्य शरीरे पाण्डवस्तदा  १३ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

रविवार, 25 जनवरी 2026

अध्याय 11 : विराट रूप (श्लोक 11 .12)









अध्याय 11 : विराट रूप

श्लोक 11 .12


दिवि सूर्यसहस्त्रस्य भवेद्युगपदुत्थिता |

यदि भाः सदृशी सा स्याद्भासस्तस्य महात्मनः  १२ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

शनिवार, 24 जनवरी 2026

अध्याय 11 : विराट रूप (श्लोक 11 . 10 - 11)












अध्याय 11 : विराट रूप

श्लोक 11 . 10 - 11


अनेकवक्त्रनयनमनेकाअद्भुतदर्शनम् |

अनेकदिव्याभरणं दिव्यानेकोद्यतायुधम्  १० 

दिव्यमाल्याम्बरधरं दिव्यगन्धानुलेपनम् |

सर्वाश्र्चर्यमयं देवमनन्तं विश्र्वतोमुखम्  ११ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

शुक्रवार, 23 जनवरी 2026

अध्याय 11 : विराट रूप (श्लोक 11 . 9)








अध्याय 11 : विराट रूप

श्लोक 11 . 9


सञ्जय उवाच

एवमुक्त्वा ततो राजन्महायोगेश्र्वरो हरिः |

दर्शयामास पार्थाय परमं रूपमैश्र्वरम् .


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

गुरुवार, 22 जनवरी 2026

अध्याय 11 : विराट रूप (श्लोक 11 . 8)









अध्याय 11 : विराट रूप

श्लोक 11 . 8


न तु मां शक्यसे द्रष्टुमनेनैव स्वचक्षुषा |

दिव्यं ददामि ते चक्षु: पश्य मे योगमैश्र्वरम्  ८ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

बुधवार, 21 जनवरी 2026

अध्याय 11 : विराट रूप (श्लोक 11 . 7)









अध्याय 11 : विराट रूप

श्लोक 11 . 7


इहैकस्थं जगत्कृत्स्नं पश्याद्य सचराचरम् |

मम देहे गुडाकेश यच्चान्यद्द्रष्टुमिच्छसि  ७ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada 

मंगलवार, 20 जनवरी 2026

अध्याय 11 : विराट रूप (श्लोक 11 . 6)









अध्याय 11 : विराट रूप

श्लोक 11 . 6


पश्यादित्यान्वसून्रुद्रानश्र्विनौ मरुतस्तथा |

बहून्यदृष्टपूर्वाणि पश्याश्र्चर्याणि भारत  ६ 


Translation by His Divine Grace Srila A C Bhaktivedanta Swami Prabhupada